Zoho Mail अमित शाह का बड़ा कदम — अब ईमेल होगा पूरी तरह स्वदेशी
भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में अपने आधिकारिक ईमेल अकाउंट को गूगल के Gmail से हटाकर भारतीय प्लेटफ़ॉर्म “Zoho Mail” पर शिफ्ट किया है।
यह कदम न केवल तकनीकी बदलाव का संकेत देता है, बल्कि देश में “स्वदेशी टेक्नोलॉजी” को बढ़ावा देने का भी प्रतीक बन गया है।
उनका नया ईमेल पता — amitshah.bjp@zohomail.in सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लोग इस कदम को “Digital Swadeshi Revolution” कहकर सराह रहे हैं।
Zoho Mail आखिर है क्या?
Zoho Mail भारत की एक ईमेल सर्विस है जिसे Zoho Corporation नाम की कंपनी चलाती है।
ये कंपनी चेन्नई में स्थित है और पिछले कई सालों से बिज़नेस सॉफ्टवेयर बनाती आ रही है।
Zoho Mail पूरी तरह एड-फ्री (बिना विज्ञापन वाला) और सुरक्षित (secure) मेल प्लेटफॉर्म है।
इसका मतलब है कि यहां आपके ईमेल डेटा को किसी विज्ञापन या बाहरी कंपनी के साथ साझा नहीं किया जाता।
इसका सर्वर भारत में ही मौजूद है, जिससे यूज़र्स का डेटा देश के अंदर ही सुरक्षित रहता है।
यही बात इसे Gmail और Outlook से अलग बनाती है।
Zoho Mail में क्या खास है?
Zoho Mail एक भारतीय ईमेल सर्विस है जिसे चेन्नई की कंपनी Zoho Corporation ने विकसित किया है।
यह पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त (Ad-Free) और सुरक्षित (Privacy-Focused) मेल सेवा है।
इसका डेटा भारत में ही स्टोर होता है, यानी आपके ईमेल किसी विदेशी सर्वर पर नहीं जाते।
Zoho Mail को लंबे समय से Gmail और Outlook का भारतीय विकल्प (Indian Alternative) माना जा रहा था, लेकिन अमित शाह के इस कदम के बाद यह नाम अब हर किसी की जुबान पर है।
Zoho Mail ने पिछले कुछ महीनों में कई नए फीचर्स जोड़े हैं, जिनकी वजह से यह विश्वस्तरीय मेल सर्विस बन गया है:
1.कोई विज्ञापन नहीं (No Ads):
यहां आपको Gmail की तरह बीच-बीच में कोई विज्ञापन नहीं दिखेगा।
2.भारत में डेटा स्टोरेज:
इसका सबसे बड़ा फायदा है कि आपका ईमेल डेटा देश के अंदर ही रहता है, किसी विदेशी सर्वर पर नहीं।
3.प्राइवेसी और सिक्योरिटी:
कंपनी दावा करती है कि वे यूज़र्स के मेल को स्कैन या ट्रैक नहीं करते।
4.आसान इस्तेमाल:
इसका इंटरफेस बहुत सिंपल है — कोई भी नया यूज़र इसे तुरंत समझ सकता है।
5.फ्री और पेड दोनों प्लान:
छोटे बिज़नेस Zoho Mail को फ्री में इस्तेमाल कर सकते हैं, और कंपनियां चाहें तो इसके प्रीमियम वर्ज़न भी ले सकती हैं।
Zoho Mail को क्या भारत पूरी तरह अपना पाएगा?
अगर सरकारी और कॉर्पोरेट सेक्टर Zoho Mail को इसी तरह अपनाते रहे, तो 2026 तक यह भारत का सबसे बड़ा प्रोफेशनल ईमेल प्लेटफॉर्म बन सकता है। Zoho की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कंपनियाँ अब वैश्विक टेक दिग्गजों को टक्कर देने के लिए तैयार हैं।